ढोल-दमाऊ, झांकियों और लोक आस्था के संग दिखा पर्वतीय संस्कृति का अनुपम संगम….

हल्द्वानी – उत्तरायणी पर्व के पावन अवसर पर हल्द्वानी में पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने शहर को एक दिन के लिए पहाड़ की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ दिया। ढोल-दमाऊ की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोक कलाकार, आकर्षक झांकियां और लोकदेवता गोलज्यू के जयकारों से पूरा वातावरण आस्था और उत्सव में सराबोर नजर आया।

शोभायात्रा में जैसे ही परंपराओं की पालकी शहर की सड़कों पर उतरी, भाबर क्षेत्र में पहाड़ की आत्मा सजीव हो उठी। उत्तरायणी पर्व की इस यात्रा में लोक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे—हर वर्ग ने उत्साह के साथ शोभायात्रा में भाग लेकर पर्वतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार का संदेश दिया।

झांकियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक परंपराओं, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया, वहीं ढोल-दमाऊ की थाप पर थिरकते कदमों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। शोभायात्रा के दौरान “जय गोलज्यू देवता” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। उत्तरायणी पर्व पर निकली यह शोभायात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि पर्वतीय संस्कृति की एकता, गौरव और जीवंतता का सशक्त संदेश भी शहरवासियों तक पहुंचाने में सफल रही।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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