रुद्रपुर – जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में सोमवार को अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी कौस्तुभ मिश्र की अध्यक्षता में अपर जिलाधिकारी कार्यालय में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर नोडल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने एसआईआर कार्यक्रम में तैनात सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देश दिए कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संपादित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को पूर्ण पारदर्शिता, समन्वय एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाए। मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोमवार से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करने एवं सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी बीएलओ एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन गणना प्रपत्र वितरण एवं प्राप्ति की सूचना सायंकाल तक कंट्रोल रूम एवं निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
अपर जिलाधिकारी ने जनमानस से भी इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मतदाता अपने क्षेत्र में आने वाले बीएलओ को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि 29 मई से 7 जून तक प्रशिक्षण एवं मुद्रण संबंधी कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन एवं गणना प्रपत्र भरने का कार्य करेंगे। मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी 7 जुलाई तक पूरा किया जाएगा।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। वहीं 14 जुलाई से 11 सितंबर तक प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा मृत, स्थानांतरित, अपात्र एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर सूची को अधिक विश्वसनीय एवं अद्यतन बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार के दस्तावेज एकत्र नहीं किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है, तो वह प्रारूप-6 एवं घोषणा पत्र के माध्यम से अपना नाम पुनः दर्ज करा सकता है। प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद प्राप्त सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने कार्यकर्ताओं एवं बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को एसआईआर कार्यक्रम के प्रति जागरूक करें तथा बीएलओ को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि कार्यक्रम को निष्पक्ष, प्रभावी एवं त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जा सके।
बैठक में प्रभारी अधिकारी जिला कार्यालय हिमांशु कफल्टिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत मौर्य, सहायक निदेशक मत्स्य संजय कुमार छिमवाल, जिला सूचना अधिकारी गोविंद सिंह बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नफील जमील, सहायक श्रमायुक्त अरविंद सैनी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, सहायक निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र सिंह अधिकारी, सीडीपीओ अनीता गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










