Supreme Court of India ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि मामले में सुनवाई करते हुए व्यावहारिक और मानवीय समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राजस्व अधिकारियों को आदेश दिया है कि प्रभावित क्षेत्र में विशेष ऑन-साइट शिविर लगाए जाएं, ताकि वहां रह रहे लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास के लिए आवेदन कर सकें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं को विवादित भूमि पर बने रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि, सरकार की यह जिम्मेदारी है कि पात्र परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि यह स्थिति अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रह सकती और 31 मार्च से पहले ठोस समाधान सामने आना चाहिए। — कोर्ट