नैनीताल – धारी विकासखंड के पहाड़पानी निवासी कमलेश महतोलिया आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरे हैं। इंजीनियरिंग डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने गुजरात में नौकरी की, लेकिन अपने गांव और जमीन से जुड़ाव उन्हें वापस पहाड़ ले आया। गांव लौटकर उन्होंने पारंपरिक खेती के बजाय कुछ नया करने का फैसला किया। उन्हें उद्यान विभाग के माध्यम से करीब 14 लाख रुपये का ऋण मिला, जिसके सहारे उन्होंने बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर फूलों और फलों की आधुनिक खेती शुरू की। शुरुआत 10 नाली से हुई, जो आज बढ़कर 40 नाली में फैली उन्नत फूलों की खेती बन चुकी है। यहां लिलियम सहित ओरिएंटल और एशियाटिक प्रजातियों के फूल उगाए जा रहे हैं, जिनकी मांग नैनीताल के साथ अन्य जनपदों में भी बढ़ रही है। इसके अलावा कमलेश ने 30 नाली भूमि पर सेब,