धान खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने की तैयारी, पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस

देहरादून – उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में धान उत्पादन के लिए नई तकनीक अपनाने की दिशा में पहल शुरू की गई है। अब पारंपरिक रोपाई विधि के स्थान पर सीधी बुवाई विधि (डीएसआर) के परीक्षण की तैयारी की जा रही है। इस नई तकनीक के माध्यम से धान उत्पादन, लागत,

धान खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने की तैयारी, पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस

देहरादून – उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में धान उत्पादन के लिए नई तकनीक अपनाने की दिशा में पहल शुरू की गई है। अब पारंपरिक रोपाई विधि के स्थान पर सीधी बुवाई विधि (डीएसआर) के परीक्षण की तैयारी की जा रही है। इस नई तकनीक के माध्यम से धान उत्पादन, लागत, पानी की खपत और पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। प्रदेश में धान का सबसे अधिक उत्पादन ऊधम सिंह नगर जिले में होता है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल रोपाई विधि के जरिए धान की खेती की जाती है। अब कृषि विभाग और संबंधित एजेंसियां सीधी बुवाई तकनीक के जरिए धान उत्पादन की संभावनाओं का परीक्षण करेंगी। इस प्रक्रिया में यह देखा जाएगा कि सीधी बुवाई विधि से तैयार धान की उपज पर क्या प्रभाव पड़ता है।