किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को मजबूती, वीपीकेएएस ने विकसित कीं आठ किस्में

अल्मोड़ा – पर्वतीय कृषि को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने की दिशा में विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस), अल्मोड़ा के वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने लंबे शोध और परीक्षण के बाद पांच प्रमुख फसलों की आठ उन्नतशील किस्में विकसित की हैं। इन सभी

किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को मजबूती, वीपीकेएएस ने विकसित कीं आठ किस्में

अल्मोड़ा – पर्वतीय कृषि को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने की दिशा में विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस), अल्मोड़ा के वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने लंबे शोध और परीक्षण के बाद पांच प्रमुख फसलों की आठ उन्नतशील किस्में विकसित की हैं। इन सभी किस्मों को राज्य किस्म विमोचन समिति की बैठक में आधिकारिक रूप से विमोचित कर दिया गया है। नई किस्मों में मक्का की वीएल हिमाद्री (एफएच 3879), जौ की वीएलबी 177, मसूर की वीएल मसूर 538 और वीएल मसूर 535, सोयाबीन की वीएल सोया 106 और वीएल सोया 107 तथा धान की वीएल धान 71 और वीएल धान 160 शामिल हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इन किस्मों को उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की वर्षा आधारित और जैविक खेती की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित