बुरांश से पहाड़ी नमक तक, नथुवाखान के हरीश ने स्थानीय उत्पादों को दी नई पहचान

नैनीताल – पहाड़ की मिट्टी, पारंपरिक स्वाद और स्थानीय संसाधनों को रोजगार का जरिया बनाया जाए तो गांव में रहकर भी आत्मनिर्भरता की मजबूत राह तैयार की जा सकती है। रामगढ़ विकासखंड के ग्राम नथुवाखान निवासी हरीश सिंह बिष्ट ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। नौकरी छोड़कर गांव लौटे हरीश

बुरांश से पहाड़ी नमक तक, नथुवाखान के हरीश ने स्थानीय उत्पादों को दी नई पहचान

नैनीताल – पहाड़ की मिट्टी, पारंपरिक स्वाद और स्थानीय संसाधनों को रोजगार का जरिया बनाया जाए तो गांव में रहकर भी आत्मनिर्भरता की मजबूत राह तैयार की जा सकती है। रामगढ़ विकासखंड के ग्राम नथुवाखान निवासी हरीश सिंह बिष्ट ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। नौकरी छोड़कर गांव लौटे हरीश ने पारंपरिक सिलबट्टे पर तैयार होने वाले पहाड़ी मसाला नमक को कारोबार का आधार बनाया और आज अपने उत्पादों के जरिए न केवल खुद आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि करीब 35 महिलाओं समेत कई लोगों को आय के अवसर से जोड़ने में सहयोग कर रहे हैं। हरीश बिष्ट का पहाड़ी मसाला नमक अपने पारंपरिक स्वाद के कारण खास पहचान बना रहा है। इसमें जीरा, हींग, लहसुन, अजवाइन, भांग दाना, जाखिया, भंगिरा, पुदीना, राई और सेंधा नमक जैसे स्थानीय एवं पारंपरिक मसालों का इस्तेमाल किया