देहरादून – वर्ष भर सैलानियों से गुलजार रहने वाला प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नीर वाटरफॉल सरकारी वेबसाइट पर दर्ज ही नहीं है। देश-विदेश से पर्यटक जिस झरने की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेने पहुंचते हैं, उसे सरकारी तंत्र ने कागजों में जगह नहीं दी है।
जानकारी के अनुसार, एनआईसी टिहरी की आधिकारिक वेबसाइट पर नीर वाटरफॉल का नाम न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह झरना क्षेत्र की पहचान बन चुका है और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, बावजूद इसके इसे आधिकारिक सूची में शामिल नहीं किया गया।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वेबसाइट पर नाम न होने से पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को झटका लग सकता है। उनका कहना है कि सरकार एक ओर पर्यटन को प्रोत्साहन देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे प्रमुख स्थलों की अनदेखी चिंता का विषय है।
ग्रामीणों के विरोध के बाद संबंधित विभाग ने इस चूक को सुधारने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी त्रुटि की जांच की जा रही है और शीघ्र ही वेबसाइट पर नीर वाटरफॉल का नाम अपडेट कर दिया जाएगा।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना आज के दौर में अत्यंत आवश्यक है, ताकि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान मिल सके।











