नैनीताल – नंदाष्टमी महोत्सव के अवसर पर उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल की ओर से जनहित में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। 16 से 23 सितंबर तक आयोजित महोत्सव के दौरान प्राधिकरण के स्टॉल के माध्यम से लोगों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ निःशुल्क कानूनी परामर्श, कौशल प्रशिक्षण और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
महोत्सव की पूरी अवधि में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के सहयोग से पैनल अधिवक्ताओं और पैरा-लीगल वॉलंटियर्स की टीम तैनात की गई है। टीम की ओर से पारिवारिक एवं संपत्ति विवाद, घरेलू हिंसा, बैंकिंग धोखाधड़ी, साइबर अपराध, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों समेत विभिन्न कानूनी विषयों पर निःशुल्क सलाह दी जा रही है।
विधिक साक्षरता स्टॉल पर सरल भाषा में तैयार कानूनी पुस्तिकाएं भी वितरित की जा रही हैं। लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 और 1800-180-4000 की जानकारी भी दी जा रही है।
महिलाओं और युवाओं को सिलाई प्रशिक्षण
जिला उद्योग केंद्र, नैनीताल के सहयोग से 17 और 18 सितंबर को दो दिवसीय निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय महिलाओं, युवाओं और स्वरोजगार में रुचि रखने वाले लोगों को बुनियादी सिलाई तकनीक तथा कपड़े की कटाई और सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया।
अलग-अलग दिन मिलेंगी चिकित्सा सुविधाएं
महोत्सव में स्वास्थ्य सेवाओं को भी अभियान से जोड़ा गया है। विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 18 सितंबर को दृष्टि सेंटर, हल्द्वानी की टीम ने नेत्र जांच की सुविधा दी। वहीं 19 और 20 सितंबर को शुभानु नेत्र अस्पताल, हल्द्वानी की टीम नेत्र विशेषज्ञ जांच और स्क्रीनिंग करेगी।
चंदन अस्पताल, हल्द्वानी की टीम 19 सितंबर को सामान्य चिकित्सा और रक्तचाप जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी। वहीं द मेडिसिटी, रुद्रपुर की टीम 20 से 22 सितंबर तक बहु-विशेषज्ञता चिकित्सा शिविर लगाएगी। इसमें सामान्य चिकित्सा सहित अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। उपलब्धता के अनुसार आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं से लाभ उठाने की अपील
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन के साथ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से नंदाष्टमी महोत्सव में पहुंचे श्रद्धालुओं से भी इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। प्राधिकरण के अनुसार सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं और किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।











