हल्द्वानी आवास पर उमड़े पुलिस अधिकारी, पूर्व DGP बीडी खर्कवाल को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

हल्द्वानी – उत्तराखंड मूल के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक बीडी खर्कवाल का 17 सितंबर की सुबह 90 वर्ष की आयु में बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन की सूचना से पुलिस एवं प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पुलिस एवं प्रशासनिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

बीडी खर्कवाल सेवानिवृत्ति के बाद लंबे समय से हल्द्वानी के जज फार्म क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनका कुमाऊं और हल्द्वानी से लंबे समय से पारिवारिक एवं प्रशासनिक जुड़ाव रहा। उनके परिवार में पत्नी नीलिमा खर्कवाल, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पुत्र अमिताभ खर्कवाल भारतीय डाक सेवा में महानिदेशक के पद से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए।

पुलिस ने दी अंतिम सलामी

दिवंगत पूर्व DGP बीडी खर्कवाल के हल्द्वानी स्थित आवास पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी की मौजूदगी में नैनीताल पुलिस, SSB और CRPF के अधिकारियों एवं जवानों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने दिवंगत अधिकारी के पुलिस सेवा में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए शोक व्यक्त किया और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।

इस दौरान एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक अमित सैनी, प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह, निरीक्षक अभिसूचना ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रभारी निरीक्षक मुखानी सुशील जोशी, प्रभारी निरीक्षक हल्द्वानी विजय मेहता, प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर चौहान, PRO हेमा ऐठानी, SSB ट्रांजिट कैंप हल्द्वानी के ASI हरि सिंह सहित नैनीताल पुलिस के अधिकारी एवं पुलिस बल मौजूद रहे।

बाद में पार्थिव शरीर को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट ले जाया गया, जहां परिजनों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

असम में उग्रवाद के चुनौतीपूर्ण दौर में निभाई अहम भूमिका

बीडी खर्कवाल ने अपने लंबे पुलिस सेवाकाल के दौरान पूर्वोत्तर भारत के चुनौतीपूर्ण दौर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। असम में उग्रवाद के दौर में उन्होंने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।

नवंबर 1990 में ULFA उग्रवादियों के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन बजरंग के दौरान वह गुवाहाटी में केंद्रीय खुफिया अधिकारियों के साथ अभियान से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहे। वर्ष 1993-94 में उन्होंने असम के पुलिस महानिदेशक के रूप में सेवाएं दीं।

पुलिस सेवा के दौरान उनके अनुभव और प्रशासनिक योगदान के लिए उन्हें असम-मेघालय पुलिस बल में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उन्होंने सेवाकाल में कई भावी पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन भी किया।

उत्तराखंड से भी रहा गहरा जुड़ाव

असम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ ही बीडी खर्कवाल का उत्तराखंड से भी गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने SSB रानीखेत और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), नैनीताल में भी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने हल्द्वानी को अपना निवास बनाया।

DGP दीपम सेठ और नैनीताल पुलिस ने दिवंगत पूर्व DGP बीडी खर्कवाल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें