रंगों के साथ चला हुड़दंग, सुशीला तिवारी और बेस अस्पताल में मरीजों की भीड़……..

हल्द्वानी-  होली के दिन हुड़दंग और मारपीट की घटनाओं के चलते शहर के अस्पतालों की इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुशीला तिवारी अस्पताल और बेस अस्पताल में करीब 500 लोग चोटिल हालत में इलाज के लिए पहुंचे। इनमें अधिकांश मामले नशे में मारपीट और झगड़े के रहे। चार मार्च को सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी में कुल 244 मरीज पहुंचे। इनमें कई लोग शराब के नशे में चोटिल होकर अस्पताल लाए गए थे। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार कई मरीजों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। सीएमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि इनमें करीब 55 मामले ऐसे थे जो सीधे होली के हुड़दंग में चोटिल होने से जुड़े थे। होली के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने पहले से ही इमरजेंसी में नेत्र, ईएनटी, न्यूरो, हड्डी रोग, त्वचा रोग और फिजिशियन समेत विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी थी ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। वहीं बेस अस्पताल में भी होली के दिन 255 मरीज इमरजेंसी में पहुंचे। अस्पताल सूत्रों के अनुसार यहां भी अधिकतर मामले मारपीट और होली के दौरान चोटिल होने से जुड़े थे। दो दिनों में इमरजेंसी में करीब 300 मरीजों की जांच की गई।

त्वचा संबंधी समस्याओं में भी बढ़ोतरी

होली के बाद अब अस्पतालों में त्वचा से जुड़ी समस्याओं के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल के कारण कई लोगों को एलर्जी, खुजली और जलन की शिकायत हो रही है। अकेले सुशीला तिवारी अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 मरीज इस समस्या के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल की मात्रा अधिक होती है, जिससे त्वचा को नुकसान हो सकता है। सस्ते और मिलावटी रंगों के इस्तेमाल से एलर्जी और त्वचा संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि होली के बाद त्वचा संबंधी परेशानी होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा या क्रीम न लगाएं। त्वचा की सुरक्षा के लिए केवल मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर है।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें