भीमताल – उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर रामलीला मैदान में आयोजित पारंपरिक हरेला मेले का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने हरेला पर्व को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बताते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मेले के उद्घाटन अवसर पर मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि भीमताल का हरेला मेला पूर्वजों के समय से चली आ रही एक समृद्ध परंपरा है, जिसका धार्मिक और पौराणिक महत्व भी है। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने वाला लोकपर्व है, जो सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का बोध कराता है। सभी लोगों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा पर्यावरण मिल सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि भीमताल के ऐतिहासिक हरेला मेले को और अधिक भव्य एवं व्यापक स्वरूप देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री राम सिंह कैड़ा ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और उपस्थित लोगों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टम्टा, जिला मंत्री मनोज भट्ट, मंडल अध्यक्ष कमल जोशी सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।











