नैनीताल – सरोवर नगरी नैनीताल में होली का उत्साह चरम पर नजर आया। मल्लीताल में राम सेवक सभा द्वारा आयोजित भव्य रंग जुलूस में एक कुंतल अबीर-गुलाल और फूलों की होली ने पूरे शहर को रंगमय कर दिया। छोटे-बड़े, युवा-बुजुर्ग और महिलाओं सहित हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और होली के पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।
मल्लीताल बाजार स्थित रामलीला स्टेज से शुरू हुआ जुलूस आर्य समाज मंदिर होते हुए बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरकर पुनः सभा भवन पहुंचा। इस दौरान होलियारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर जमकर नृत्य किया। रंगों और फूलों की बौछार के बीच पूरा वातावरण फागुनी उमंग से सराबोर हो गया।
शाम को विधिवत पूजन के बाद होलिका दहन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ पर्यटकों ने भी भाग लिया। इसके उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।
सभा पदाधिकारियों ने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, प्रेम और नई शुरुआत का प्रतीक है। हर रंग का अपना विशेष महत्व है—
लाल रंग प्रेम, ऊर्जा और साहस का प्रतीक है,
पीला ज्ञान और खुशहाली का द्योतक है,
नीला रंग भगवान कृष्ण से जुड़ा होकर शांति और संरक्षण का संदेश देता है,
हरा रंग प्रकृति और नवजीवन का प्रतीक है,
गुलाबी स्नेह और सौहार्द को बढ़ावा देता है,
नारंगी उत्साह और पवित्र ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि बैंगनी ज्ञान और रचनात्मकता का द्योतक है।
जुलूस के दौरान रक्षित साह ने “बुराशी का फूला…” और “हो मुबारक मंजर फोलो भरी…” जैसे होली गीत गाकर माहौल को और भी उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम में विधायक सरिता आर्य, दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्य, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सभा पदाधिकारी और शहरवासी उपस्थित रहे। नैनीताल का यह रंग जुलूस प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।











