नैनीताल में अराजक तत्वों पर प्रशासन का शिकंजा, गुंडा एक्ट के 165 मामलों का निस्तारण

नैनीताल – जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अराजक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। 1 जनवरी 2026 से 15 सितंबर 2026 तक जिले में गुंडा एक्ट से जुड़े कुल 399 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 165 मामलों का निस्तारण किया गया।

जिलाधिकारी नैनीताल के न्यायालय में गुंडा नियंत्रण अधिनियम से संबंधित कुल 162 वाद दर्ज हुए। इनमें से 98 मामलों का निस्तारण किया गया। कार्रवाई के दौरान 90 अराजक तत्वों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई।

इसी तरह अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नैनीताल के न्यायालय में कुल 130 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 44 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि 86 वाद अभी अवशेष हैं।

वहीं, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नैनीताल के न्यायालय में गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कुल 107 वाद दर्ज हुए। इनमें से 23 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि 84 वाद अवशेष हैं।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अराजक और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। जिला बदर की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण रखते हुए जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि जिले में कानून का राज कायम रखने के लिए समय-समय पर अराजक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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