नैनीताल – पर्यटन नगरी नैनीताल की पहचान अब और भी शांत एवं प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देशों और जिला प्रशासन की पहल पर एक अगस्त से तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक की मॉल रोड को ‘नो हॉर्निंग ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है। अब इस क्षेत्र में अनावश्यक हॉर्न बजाने पर ₹1000 का चालान किया जाएगा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के आदेश के तहत लागू हुई इस व्यवस्था का उद्देश्य पर्यटन नगरी को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त रखना और पर्यटकों के साथ स्थानीय नागरिकों को शांत वातावरण उपलब्ध कराना है। इस संबंध में पूर्व में मुख्यमंत्री के सचिव एवं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू किया।
नए नियम के पहले दिन मॉल रोड पर अधिकांश वाहन चालकों ने हॉर्न बजाने से परहेज किया, जिससे क्षेत्र में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक शांत वातावरण देखने को मिला। हालांकि कुछ वाहन चालकों ने भूलवश, आवश्यकता अथवा लापरवाही में हॉर्न का प्रयोग भी किया।
प्रशासन द्वारा नए नियम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया, स्थानीय मीडिया, पोस्टर, फ्लेक्स, एलईडी स्क्रीन और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का सहारा लिया गया है, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को इसकी पूरी जानकारी मिल सके।
हालांकि इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों की मिश्रित प्रतिक्रिया भी सामने आई है। स्थानीय निवासी राजेंद्र परगाई ने कहा कि बिना हॉर्न के वाहन आने से सड़क पर चल रहे बच्चों, बुजुर्गों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। उनका कहना है कि कई वाहन चालक अभी भी नियम का उल्लंघन कर हॉर्न बजा रहे हैं, लेकिन मौके पर निगरानी और कार्रवाई पर्याप्त नहीं दिख रही।
वहीं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि नैनीताल की प्राकृतिक शांति और सौंदर्य को बनाए रखने के लिए सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पहल ध्वनि प्रदूषण कम करने और पर्यटन नगरी की विशेष पहचान को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।











