हल्द्वानी – पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया तथा खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका सम्मान ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान होता है। उन्होंने वरिष्ठजनों को समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह बनाए रखना संभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना तथा राष्ट्रीय वयोश्री योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से वरिष्ठजनों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठजनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। साथ ही, पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने का निर्णय उनकी आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अटल वयोअभ्युदय योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी दी जा रही है, जिसके तहत इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमामय जीवन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित 13 वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया, जिनमें डॉ. ललित मोहन उप्रेती, रमेश मटेला, पं. गोपाल कृष्ण बडोला, डॉ. भुवन चन्द्र जोशी, डॉ. त्रिभुवन दत्त शर्मा, आचार्य हरीश चन्द्र पंत, आशुतोष पंत, योगेश पांथरी, सुरेश आर्य, गणेशी देवी, अशोक कुमार पंत, गम्भीर सिंह चौहान और अनन्त प्रसाद नौटियाल शामिल रहे। इसके साथ ही फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मंत्री खजान दास और राम सिंह कैड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।











