रुद्रपुर – उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार ने शुक्रवार को जिला प्रोबेशन कार्यालय में महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में बालकों के लिए राजकीय संप्रेक्षण गृह, विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी तथा अनमोल फाउंडेशन द्वारा दिव्यांग बालकों के लिए देखरेख संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा रुद्रपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और खटीमा बस स्टेशन पर चाइल्ड हेल्पलाइन की हेल्प डेस्क 24 घंटे संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जनपद के स्कूलों में POCSO अधिनियम के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पर आयोग सदस्य ने निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों की भी बैठक कर उन्हें कानून की जानकारी दी जाए, ताकि मामलों में कमी लाई जा सके।
योगेश रजवार ने यह भी निर्देशित किया कि मलिन बस्तियों में रहने वाले जरूरतमंद बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के परिणामों का भी आकलन किया जाना आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि अक्टूबर 2023 से अब तक 243 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वहीं बाल कल्याण समिति ने जानकारी दी कि जरूरतमंद बच्चों की नियमित काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
बैठक के उपरांत आयोग सदस्य ने राजकीय संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया, जहां 9 किशोर उपस्थित पाए गए और व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, जिला परिवीक्षा अधिकारी डॉ. रत्नेश सिंह, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र, सदस्य उमेश व शंकर लाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आयोग सदस्य ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके समग्र विकास के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।











