हल्द्वानी – आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। ललित मोहन रयाल ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्देश पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में काठगोदाम में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में जारी किए गए हैं। इसके तहत जिलाधिकारी ने कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं और जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी नगर में छह प्रमुख नालों के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, जिनके समाधान के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी।
नगर निगम के पुराने और नए वार्डों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जल निकासी की समस्या को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट, सिंचाई विभाग और यूयूएसडीए के अधिकारियों को तीन दिन के भीतर सभी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर डीपीआर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
बैठक में रकसिया नाला, कलसिया नाला और देवखड़ी नाले सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही नालों की सफाई, नहरों की कवरिंग और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि बारिश के दौरान पानी का प्रवाह बाधित न हो।
रामनगर क्षेत्र के चोरपानी, गौजानी, पदमपुरी, भरतपुरी, लखनपुरी और मालधनचौड़ जैसे क्षेत्रों में भी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजना बनाने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि मानसून के दौरान आम जनता और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।











