गौला नदी में मरम्मत कार्य पर वन विभाग की रोक, तीन जिलों की लाइफलाइन अटकी….

हल्द्वानी – जिस महत्वपूर्ण चोरगलिया रोड को ठीक कराने के लिए सांसद अजय भट्ट और मंडलायुक्त दीपक रावत ने स्वयं गौला नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया, शासन स्तर पर कई दौर की बैठकें हुईं और अंततः ₹1.87 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कराई गई—उसी सड़क पर अब वन विभाग ने अड़ंगा लगा दिया है।

लंबे समय बाद जब लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने बीते सोमवार से सड़क के मरम्मत कार्य की शुरुआत की, तो जैसे ही पोकलेन मशीनें नदी क्षेत्र में पहुंचीं, वन विभाग ने आपत्ति जताते हुए कार्य पर रोक लगा दी। विभाग का तर्क है कि लोनिवि ने नदी क्षेत्र में कार्य की अनुमति (एनओसी) नहीं ली थी।

बरसात में समा गई थी सड़क, हजारों लोग हो रहे हैं परेशान

गौरतलब है कि पिछले वर्ष की बरसात में बनभूलपुरा क्षेत्र के पास रेलवे क्रॉसिंग के समीप चोरगलिया रोड का बड़ा हिस्सा गौला नदी में बह गया था, जिससे गौलापार और चोरगलिया क्षेत्र के साथ-साथ ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश से पहले मरम्मत जरूरी, नहीं तो फिर हो सकता है नुकसान

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत कार्य अब और टला तो आगामी बरसात में यह मार्ग दोबारा नदी में समा सकता है। ग्रामीण पहले ही कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब कार्य रुकने से उनका गुस्सा बढ़ गया है।

प्रशासन और लोनिवि जुटे समाधान में

ईई लोनिवि प्रत्यूष कुमार ने जानकारी दी कि वन विभाग ने गौला नदी क्षेत्र में कार्य पर आपत्ति जताई थी, जिससे मरम्मत रोकनी पड़ी। अब जिला प्रशासन के माध्यम से वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस तरह के प्रतिबंध या आपत्ति की कोई जानकारी नहीं है। इस विरोधाभासी स्थिति ने विभागीय समन्वय की कमी को भी उजागर कर दिया है।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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