हल्द्वानी – घर से नाराज होकर बिना बताए निकले 16 वर्षीय किशोर को नैनीताल पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल बरामद कर लिया। बालक को काउंसलिंग के बाद विधिवत उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने पुलिस की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए आभार जताया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन और सीओ महिला सुरक्षा हेल्पलाइन एवं नोडल अधिकारी AHTU अंजना नेगी के पर्यवेक्षण में जनपद में गुमशुदा बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों की तलाश और पुनर्वास के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 17 अगस्त को AHTU हल्द्वानी की टीम काठगोदाम रेलवे स्टेशन परिसर में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान टीम को एक नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में घूमता दिखाई दिया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपनी पहचान प्रशांत कुमार (16), पुत्र मनोज कुमार गंगवार, निवासी ग्राम नाउमा पकड़िया, जिला पीलीभीत, उत्तर प्रदेश के रूप में बताई।
पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह घर पर किसी बात से नाराज होकर बिना बताए वहां से निकल आया था। पुलिस टीम ने तत्काल उसके परिजनों से फोन पर संपर्क किया। सुरक्षा की दृष्टि से किशोर को रात में धरोहर बाल आश्रय गृह, हल्द्वानी में सुरक्षित रखा गया।
इसके बाद 18 अगस्त को बाल कल्याण समिति, हल्द्वानी के समक्ष किशोर की काउंसलिंग कराई गई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस टीम की तत्परता से परिवार में लौटी खुशी
बिछड़े बेटे को सकुशल पाकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने नैनीताल पुलिस की संवेदनशीलता और तत्पर कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए AHTU टीम का आभार जताया।
कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुनीता कुंवर (प्रभारी AHTU), हेड कांस्टेबल प्रहलाद रावत, कांस्टेबल महेश सयाना, महिला कांस्टेबल रेनू अधिकारी, महिला कांस्टेबल जानकी भंडारी एवं कांस्टेबल चालक गोविंद मेहरा शामिल रहे।











