रुद्रपुर – आगामी 2 जुलाई को प्रदेशभर में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय मानसून मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर मंगलवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जनपदों में मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से 2 जुलाई को राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता, राहत एवं बचाव कार्यों, संसाधनों की उपलब्धता, आपसी समन्वय तथा आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण करना है।
बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मॉक ड्रिल का आयोजन पूरी तरह वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों के अनुरूप किया जाए, ताकि सभी विभागों के बीच समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान, राहत एवं बचाव कार्यों तथा उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता का वास्तविक आकलन किया जा सके।
बैठक के दौरान प्रदेश के सभी जनपदों ने लगभग तीन-तीन मिनट की पावर प्वाइंट प्रस्तुति (पीपीटी) के माध्यम से अपने-अपने जिलों में की गई तैयारियों की जानकारी साझा की।
ऊधमसिंह नगर की ओर से अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि जनपद में मॉक ड्रिल के लिए पांच संवेदनशील स्थलों का चयन किया गया है। इनमें काशीपुर में 20 नंबर पावर हाउस के क्षतिग्रस्त होने, बाजपुर में लेबरा पुल के क्षतिग्रस्त होने, रुद्रपुर मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित होने, सितारगंज के बमनपुरी पुल के तटबंध टूटने तथा खटीमा स्थित गौशाला क्षेत्र में जलभराव जैसी संभावित आपदा परिस्थितियों पर आधारित परिदृश्य तैयार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन सभी परिदृश्यों के अनुरूप संबंधित विभागों की भूमिका, त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता, राहत एवं बचाव कार्य, संचार व्यवस्था तथा आपसी समन्वय का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी।
बैठक में जनपद स्तर पर गठित इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) के सभी अधिकारियों ने भाग लिया, जबकि तहसील स्तर के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, पैरामिलिट्री बल तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की तैनाती, उनकी भूमिका एवं कार्यक्षेत्र को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के समापन पर सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी अधिकारियों एवं विभागों को आगामी 2 जुलाई को आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय मानसून मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के उपरांत इसकी विस्तृत प्रस्तुति शासन स्तर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक में जनपद स्तर से अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, प्रभारी अधिकारी गौरव पाण्डेय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग अनिल पांगती, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











