महंगी किताबों और अतिरिक्त शुल्क पर प्रशासन सख्त, 4 और स्कूलों को कारण बताओ नोटिस

हल्द्वानी – जनपद नैनीताल में निजी विद्यालयों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर जिला प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर चार और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में माउंट कार्मल सेरा स्कूल (नरीपुर शिक्षा नगर लामाचौड़), हैप्पी स्टेप्स स्कूल (मित्र कॉलोनी देवलचौड़), एवर ग्रीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बेरीपड़ाव हल्द्वानी) तथा लेक्स इंटरनेशनल स्कूल (भीमताल) शामिल हैं।

इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 101 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब जनपद में नोटिस प्राप्त करने वाले स्कूलों की संख्या बढ़कर 105 हो गई है।

जांच के दौरान सामने आया कि कई विद्यालय निर्धारित पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी पुस्तकों के अलावा महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा कुछ स्कूल विशेष विक्रेताओं से किताबें और शिक्षण सामग्री खरीदने का दबाव भी बना रहे हैं। कई विद्यालयों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाओं का भी खुलासा नहीं किया गया।

यह कार्रवाई ‘बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009’, ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019’ तथा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुलभ और आर्थिक रूप से न्यायसंगत बनाना है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही किसी विशेष विक्रेता से सामग्री खरीदने की बाध्यता तत्काल समाप्त की जाए।

विद्यालयों को अपनी वेबसाइट पर पुस्तक सूची और शुल्क संरचना सार्वजनिक करने, अभिभावकों द्वारा खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के संबंध में धनवापसी या समायोजन करने तथा अतिरिक्त वसूले गए शुल्क को आगामी फीस में समायोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित विद्यालयों की जांच के लिए विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में आदेशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन, निरस्तीकरण सहित विधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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