नैनीताल।
तल्लीताल थाना पुलिस ने गुमशुदगी के एक मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए युवक की हत्या कर शव खाई में फेंकने के मामले में दो और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले एक आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात डॉ. जगदीश चंद्र और क्षेत्राधिकारी नैनीताल के पर्यवेक्षण में तल्लीताल पुलिस द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही थी।
जानकारी के अनुसार 23 अप्रैल 2026 को शौर्य रिसोर्ट भुजियाघाट के जनरल मैनेजर भावेश पांडे ने थाना तल्लीताल में तहरीर देकर बताया था कि उनके होटल में कार्यरत कर्मचारी दिनेश चंद्र उपाध्याय (33 वर्ष) निवासी ग्राम दुभना देवलीखेत, थाना रानीखेत, जनपद अल्मोड़ा 22 अप्रैल को एक दिन की छुट्टी लेकर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि वह घर भी नहीं पहुंचा है।
इस सूचना पर थाना तल्लीताल में गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को मामले में संदिग्ध परिस्थितियां नजर आईं, जिसके बाद जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया गया।
27 अप्रैल 2026 को शिकायतकर्ता बाला दत्त उपाध्याय की तहरीर पर थाना तल्लीताल में तीन लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान थानाध्यक्ष तल्लीताल मनोज नयाल के नेतृत्व में पुलिस ने पहले ही एक आरोपी कमल सिंह बिष्ट पुत्र गोधन सिंह बिष्ट निवासी सौड़, मल्लीताल को गिरफ्तार कर लिया था।
आगे की जांच और साक्ष्यों के आधार पर 10 मई 2026 को मामले में नामजद अन्य दो आरोपियों —
- रोहित सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट
- रोहित सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय ललित सिंह बिष्ट
निवासी सौड़, मल्लीताल, नैनीताल — को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।











