सितारगंज – मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर सितारगंज में आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है। कार्य बहिष्कार के साथ धरना प्रदर्शन गुरुवार को 15वें दिन भी जारी रहा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। धरना स्थल कृषि अनाज मंडी में आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक नारायण पाल अपनी पत्नी कामिनी पाल के साथ पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।
नारायण पाल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता पूरे जीवन सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आशा कार्यकर्ताओं को लगभग 9,300 रुपये मानदेय मिल रहा है, जिसमें से हर माह 100 रुपये की कटौती भी की जाती है। वहीं, सेवानिवृत्ति के बाद किसी प्रकार का आर्थिक लाभ नहीं दिया जाता, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मानदेय में 1,600 रुपये की वृद्धि की घोषणा के बावजूद इसका लाभ अभी तक आशा कार्यकर्ताओं को नहीं मिला है। उन्होंने इस व्यवस्था को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि जहां एक ओर जनप्रतिनिधियों को पेंशन मिलती है, वहीं आशा कार्यकर्ताओं को जीवनभर सेवा के बाद भी कोई सुरक्षा नहीं मिलती।
आशा कार्यकर्ताओं ने भी अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि हर माह की जाने वाली कटौती का पैसा सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मानदेय में वृद्धि नहीं की जाती, तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने यह भी बताया कि वर्तमान में बीएलओ से जुड़े कई कार्य अधूरे पड़े हैं, लेकिन मांगें पूरी न होने तक वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। पूर्व विधायक ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों के समर्थन में जल्द ही जिला मुख्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से आंदोलन के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।











