लालकुआँ – तराई पूर्वी वन प्रभाग की डोली रेंज में बेशकीमती सागौन के गिल्टों की तस्करी का मामला अब नए सवाल खड़े कर रहा है। पिकअप वाहन में लगभग 21 सागौन के लट्ठे होने की चर्चा है, जबकि प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) हिमांशु बांगरी ने मीडिया को बताया कि मौके पर केवल 12 लट्ठे बरामद किए गए। आंकड़ों में यह अंतर अब पूरे प्रकरण को लेकर नई जिज्ञासा पैदा कर रहा है।
डीएफओ हिमांशु बांगरी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर टीम को अलर्ट कर रविवार की देर रात पिकअप वाहन को रोककर जांच की गई। वाहन में लकड़ी जब्त की गई, लेकिन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। वाहन स्वामी की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। बरामद लकड़ी के स्रोत और गंतव्य का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
उत्तर प्रदेश से इस प्रकरण के जुड़े होने की चर्चाओं ने मामले को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि तीलियापुर-डोली रेंज से अवैध कटान कर लकड़ी को बाहरी राज्यों तक पहुँचाने के लिए कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
वन विभाग ने लकड़ी की कीमत सार्वजनिक नहीं की है, ताकि इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा न मिले। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। हालांकि आंकड़ों में अंतर को लेकर चर्चा है, इसे प्रारंभिक गिनती या मामूली भूल के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हैं।











