भीमताल (नैनीताल) – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में नव निर्मित अकादमिक ब्लॉक एवं आधुनिक ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए ‘ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना’ के तहत निःशुल्क प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं एवं कौशल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। धामी सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ग्राफिक एरा परिवार की ओर से केक भी काटा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उनके लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उत्तराखंड सरकार ने सेवा, सुशासन और विकास के पाँच वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि इन पाँच वर्षों में राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, रोजगार और युवाओं के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाया कि सरकार आगे भी इसी समर्पण के साथ विकास कार्यों को गति देती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “किसी भी राज्य का भविष्य उसकी सड़कों या इमारतों से नहीं, बल्कि उसके विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के सपनों से तय होता है।” उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा ने शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में जो पहचान बनाई है, वह केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने यह साबित किया है कि यदि संकल्प, गुणवत्ता और दूरदृष्टि हो तो उत्तराखंड जैसा पर्वतीय राज्य भी विश्वस्तरीय शिक्षा का केंद्र बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नव निर्मित अकादमिक ब्लॉक और आधुनिक ऑडिटोरियम विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएंगे, जिससे उनकी प्रतिभा को नई उड़ान मिलेगी तथा शोध, नवाचार और रचनात्मक सोच को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि भीमताल जैसे पर्वतीय क्षेत्र में ग्राफिक एरा परिसर की स्थापना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाने की दिशा में सराहनीय पहल है, जो संतुलित एवं समावेशी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।
उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क होटल मैनेजमेंट एवं इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की पहल की भी सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि कुमाऊँ मंडल में ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी और हजारों युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस सहित आधुनिक तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून में साइंस सिटी, हल्द्वानी में एस्ट्रो पार्क तथा अल्मोड़ा में साइंस सेंटर जैसे संस्थानों के माध्यम से वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान की संस्कृति को भी मजबूत किया जा रहा है।
युवा छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और नई तकनीकें लगातार नए अवसर लेकर आ रही हैं। आने वाले समय में वही युवा आगे बढ़ेगा, जो सीखने की क्षमता, नवाचार की सोच और बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढालने का साहस रखेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहने, बल्कि नेतृत्व क्षमता, नवाचार और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसी उद्देश्य से स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्यमिता को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा किसी भी नकल माफिया की भेंट न चढ़े, इसके लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है और पिछले पाँच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करने का संदेश देते हुए कहा कि असफलताओं से कभी घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि वही सफलता की मजबूत नींव बनती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ग्राफिक एरा के विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासक, उद्यमी और उत्कृष्ट नागरिक बनकर उत्तराखंड एवं देश का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना के अंतर्गत निःशुल्क प्रोफेशनल कोर्स का शुभारंभ किया तथा संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों एवं ग्राफिक एरा कौशल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत निःशुल्क सर्टिफिकेट कोर्स प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, विधायक प्रताप सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, शंकर कोरंगा, दिनेश आर्या, शांति मेहरा, हुकुम सिंह कुंवर, देवेन्द्र सिंह ढेला, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे, ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन कमल घनशाला, निदेशक अनिल कुमार नायर, ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. जेड. ए. वारसी, प्रकाश आर्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।











