रामनगर – विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत रामनगर में एक महिला बीएलओ ने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण से मिसाल कायम की है। रामनगर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एसआईआर का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने वाली पहली बीएलओ बनने का गौरव जीपीपी कन्या इंटर कॉलेज की खेल शिक्षिका एवं बीएलओ पुष्पा कुमारी को प्राप्त हुआ है।
“पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ान होती है, मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है” — इस कहावत को चरितार्थ करते हुए पुष्पा कुमारी ने दिन-रात मेहनत कर अपने बूथ क्षेत्र के सभी मतदाताओं का गणना कार्य समय से पहले पूरा कर लिया।
पुष्पा कुमारी रामनगर के मुख्य बाजार स्थित वार्ड संख्या-5 के भाग संख्या-31 के अंतर्गत ज्वाला लाइन, बजाजा लाइन, गांधी गली, नई लाइन और सराय गली क्षेत्र में बीएलओ की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने प्री-एसआईआर चरण से लेकर वर्तमान अभियान तक लगातार मेहनत करते हुए कुल 850 मतदाताओं के डबल फॉर्म अर्थात 1700 गणना प्रपत्र भरकर अपने लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया।
शनिवार को उन्होंने अपनी उपलब्धि की रिपोर्ट उपजिलाधिकारी रामनगर गोपाल सिंह चौहान को सौंप दी। उपजिलाधिकारी ने उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और अन्य बीएलओ के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
पुष्पा कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय उपजिलाधिकारी रामनगर गोपाल सिंह चौहान, बीएलओ ऑब्जर्वर अखिलेश मेंदोलिया एवं विनोद कुमार चौपड़ा, जीपीपी विद्यालय की लिपिक नेहा शर्मा, वार्ड सभासद शिवि अग्रवाल, समाजसेवी डॉ. जफर सैफी, भारतीय जनता पार्टी की बीएलए ममता गर्ग, कांग्रेस के बीएलए जहीर अब्बास तथा क्षेत्र के मतदाताओं को दिया।
उन्होंने बताया कि एसआईआर कार्य को समय पर पूरा करने के लिए उन्होंने अपने निजी जीवन में भी कई त्याग किए। कार्य की व्यस्तता के चलते उन्होंने अपनी छह वर्षीय पुत्री दार्शी गुसाईं को अपने शिक्षक पति कुलदीप सिंह गुसाईं के साथ पैतृक गांव भेज दिया, ताकि वह पूरी तरह निर्वाचन कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
पुष्पा कुमारी ने बताया कि अभियान के दौरान कुछ विशेष परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा। वार्ड की दो मानसिक रूप से अस्वस्थ मां-बेटी के गणना प्रपत्र भरने में कठिनाइयां आईं, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद उनके फॉर्म भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर दिए गए।
उन्होंने सभी मतदाताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के सहयोग के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। उनकी इस सफलता को निर्वाचन अभियान में समर्पण, जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।











