सितारगंज – भारत सरकार के सेंट्रल टीबी डिवीजन के दिशा-निर्देशों के तहत मंगलवार को संपूर्णानंद शिविर केंद्रीय कारागार, सितारगंज स्थित डिस्पेंसरी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य जेल जैसे संवेदनशील वातावरण में संक्रामक रोगों की समय रहते पहचान कर “टीबी मुक्त भारत” अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाना था। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल के नेतृत्व एवं अनिरुद्ध मलिक के सहयोग से संपन्न हुआ।
शिविर के दौरान कुल 371 बंदियों की प्रारंभिक टीबी स्क्रीनिंग की गई, जबकि टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर 14 बंदियों के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बंदियों को टीबी के लक्षण, बचाव और नियमित उपचार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।
विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और पूरा उपचार मिलने पर टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। जेल प्रशासन ने भी शिविर के सफल संचालन में पूर्ण सहयोग प्रदान किया, जिससे शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग का लक्ष्य हासिल किया जा सका।
शिविर में जिला पीएमडीटी समन्वयक नवल, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुनील राय, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. कविश अहमद, डॉ. शिवांगी व्यास, डॉ. सुनीता साना सहित जेल प्रशासन एवं टीआई क्षेत्र की सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जेल में निरुद्ध व्यक्तियों के स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।









