नैनीताल – ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में जल जनित रोगों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार व्यवस्था और तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य परीक्षण, ब्लड एवं पानी की सैंपलिंग, स्वास्थ्य शिविर और आवश्यक उपचार लगातार जारी है।
शुक्रवार को विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में 163 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 98 लोगों की जांच की गई, जिनमें आवश्यकता के अनुसार 13 मरीजों को भर्ती कर उपचार एवं निगरानी में रखा गया।
घर-घर पहुंचकर लिए गए 65 ब्लड सैंपल
जिलाधिकारी के सहयोग से उपलब्ध कराई गई रैपिड किट के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सैंपलिंग की गई। स्वास्थ्य टीमों ने कुल 65 ब्लड सैंपल लिए। पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए चार पानी के नमूने भी एकत्र किए गए हैं।
इसके अलावा सचल चिकित्सा वाहन के माध्यम से 43 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाएं वितरित की गईं। जल जनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य टीमों ने लोगों को बीमारी के लक्षण, साफ-सफाई और सुरक्षित पेयजल के इस्तेमाल को लेकर भी जागरूक किया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ज्योलिकोट पीएचसी में दी ओपीडी
प्रभावित क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ज्योलिकोट पीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी जारी हैं। शुक्रवार को साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के विशेषज्ञ चिकित्सक तथा बृजलाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मुकेश कुमार ने ओपीडी में मरीजों का परीक्षण किया। विशेषज्ञों ने मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया।
शनिवार को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 12 सितंबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में सिटी नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर, हल्द्वानी के वरिष्ठ एमडी फिजिशियन डॉ. जेसी भंडारी और उनकी टीम विशेष ओपीडी सेवाएं देगी। विभाग ने क्षेत्रवासियों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की इन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लग रहे स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा समेत प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों में लोगों की जांच, दवा वितरण और जल जनित रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य टीमों को घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने, नियमित निगरानी रखने और बीमारी के लक्षण सामने आने पर तत्काल उपचार एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला और बेस अस्पतालों में भी बेहतर उपचार के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बी.डी. पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल और बेस चिकित्सालय हल्द्वानी में जल जनित रोगों से प्रभावित मरीजों को बेहतर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने कहा कि इन अस्पतालों में उपचार अथवा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर मरीज या उनके परिजन सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह एवं उपचार लें।










