दूरदराज के छात्रों को बड़ी राहत, पॉलीटेक्निक में 95 बेड के छात्रावास को मंजूरी

काशीपुर – राजकीय पॉलीटेक्निक काशीपुर में अध्ययनरत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए अब अलग छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। शासन ने छात्रावास निर्माण के लिए 9.5 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। 95 बेड की क्षमता वाले इस छात्रावास का निर्माण पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, ऊधमसिंह नगर की ओर से कराया जाएगा। बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

राजकीय पॉलीटेक्निक में वर्तमान में देहरादून, हरिद्वार, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, कोटद्वार, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और पौड़ी समेत विभिन्न जिलों के करीब 1100 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 200 विद्यार्थी एससी-एसटी वर्ग से हैं।

दूरदराज के जिलों से आने वाले कई विद्यार्थियों को छात्रावास में जगह नहीं मिलने के कारण बाहर किराए पर कमरे लेकर रहना पड़ता है। इससे पढ़ाई के साथ रहने और भोजन का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए संस्थान की ओर से अलग छात्रावास निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।

95 बेड का होगा छात्रावास

शासन ने एससी-एसटी उपयोजना के तहत 95 बेड के छात्रावास के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके लिए पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, ऊधमसिंह नगर को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। बताया गया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निर्माण स्थल पर कुछ पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया के बाद बरसात समाप्त होते ही काम शुरू किया जाएगा।

मौजूदा छात्रावासों में भी सीमित क्षमता

संस्थान में वर्तमान में 90 और 50 बेड के बालक छात्रावास तथा 50 और 40 बेड के बालिका छात्रावास संचालित हैं। विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण सभी को छात्रावास सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। प्रथम वर्ष से ही छात्रावास की सुविधा देने की व्यवस्था के बावजूद बाहरी जिलों से आने वाले कई विद्यार्थियों को किराए के कमरों का सहारा लेना पड़ता है।

नया छात्रावास बनने के बाद भी करीब 75 विद्यार्थियों को बाहर रहना पड़ सकता है, लेकिन एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रोजेक्ट मैनेजर नरेंद्र नवानी ने बताया कि एससी-एसटी बालकों के लिए 95 बेड के छात्रावास का निर्माण होना है। शासन से करीब 9.5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कुछ पेड़ों को हटाने के बाद बरसात समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। निर्माण पूरा होने में करीब एक वर्ष का समय लग सकता है।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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