हल्द्वानी – वर्षाकाल के दौरान आंचल डेयरी की दुग्ध संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था में आ रही दिक्कतों को लेकर पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने उत्तराखंड डेयरी विकास विभाग की निदेशक इला गिरी से मुलाकात कर पर्वतीय क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की मांग संबंधी ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में हरीश पनेरू ने बताया कि जनपद नैनीताल के विकासखंड धारी अंतर्गत ग्राम दुदुली सहित अनेक दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के परिवार अपनी आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन पर निर्भर हैं। किसान वर्षों से आंचल डेयरी को नियमित रूप से दूध उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान सड़कें बाधित होने और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से दूध समय पर प्लांट तक नहीं पहुंच पाता, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कई बार संग्रहित दूध चिलिंग कैन तक पहुंचने के बाद भी वापस कर दिया जाता है, जिससे किसानों की दिनभर की मेहनत और आय दोनों प्रभावित होती हैं। यह समस्या केवल दुदुली गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि नैनीताल जनपद के अनेक पर्वतीय क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादक हर वर्ष इसी परेशानी का सामना करते हैं।
हरीश पनेरू ने मांग की कि वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए दुग्ध संग्रहण एवं परिवहन की स्थायी और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों का दूध खराब न हो और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने वर्षाकाल में नियमित दूध उठान, वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था, प्रभावित किसानों को राहत तथा मानसून से पूर्व ठोस कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के किसान पशुपालन के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना और समय पर दूध खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डेयरी विकास विभाग किसानों की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।











