हल्द्वानी में एक कथित समाचार पोर्टल की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि एक सामाजिक संगठन के इशारे पर यह पोर्टल जानबूझकर भ्रामक और अपुष्ट खबरें प्रकाशित कर अधिकारियों और व्यापारियों पर दबाव बनाने का काम कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित पोर्टल पहले किसी व्यक्ति या विभाग के खिलाफ नकारात्मक खबरें प्रकाशित करता है और बाद में उन खबरों को हटाने या नरम करने के बदले आर्थिक लाभ की मांग करता है। इस पूरे मामले को लेकर व्यापारिक संगठनों और कुछ अधिकारियों में रोष देखा जा रहा है।
कई व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें फोन कॉल और मैसेज के माध्यम से संपर्क कर खबरों को लेकर डराया गया। कुछ मामलों में कथित तौर पर पैसों की मांग भी की गई है।
जांच की उठी मांग
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। व्यापारी संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और सामाजिक संगठन की आड़ में छुपे नेता जी और एनी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
मीडिया की साख पर सवाल
इस घटना ने मीडिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं।
प्रशासन क्या करेगा?
अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव है।











