नैनीताल– नैनीताल जनपद के भ्रमण पर पहुंचे प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कैंचीधाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए बनाए जा रहे भवाली बाईपास, भवाली-रातिघाट बाईपास तथा कैंचीधाम मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नैनीताल मालरोड में भू-धसाव रोकने के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का भी जायजा लिया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवाली-रातिघाट बाईपास मार्ग को पर्यटन सीजन से पहले यातायात के लिए सुचारू किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी मोटर पुल का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक अस्थायी वैली ब्रिज स्थापित कर यातायात चालू कराया जाए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में यातायात व्यवस्था सुचारू रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बाईपास बनने से मंदिर क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और पहाड़ी जिलों की ओर जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पी.एस. बृजवाल ने बताया कि भवाली सैनिटोरियम से रातिघाट तक करीब 18.15 किलोमीटर लंबे बाईपास में से 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया गया है और इस हिस्से में यातायात चालू है। शेष मार्ग में कटिंग, सुरक्षा दीवार और अन्य सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। साथ ही इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए मोटर पुल का निर्माण भी प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने इस दौरान भवाली बाईपास सड़क और शिप्रा नदी पर बने 30 मीटर स्पान डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया, जो अब यातायात के लिए चालू हो चुका है। उन्होंने कहा कि इससे भवाली बाजार में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने कैंचीधाम मंदिर परिसर में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक लागत से बन रही बहुमंजिला पार्किंग, मेडिटेशन सेंटर, पाथवे और पैदल पुल के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। साथ ही पर्यटन विभाग की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत बन रहे फैसिलिटेशन सेंटर का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और वाहनों की एंट्री-एग्जिट अलग-अलग गेट से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। भ्रमण के दौरान उन्होंने नैनीताल की लोअर माल रोड में भू-धसाव रोकने के लिए करीब 3.48 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजुनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











