देहरादून – खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 30 अक्टूबर की रात बेहद खास रहने वाली है। आसमान में एक खूबसूरत खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा, जब आधा चमकता घटता हुआ चंद्रमा मिथुन तारामंडल के प्रसिद्ध जुड़वा तारों कैस्टर और पोलक्स के करीब नजर आएगा। चंद्रमा और दोनों तारों की स्थिति आसमान में एक आकर्षक त्रिकोण जैसी आकृति बनाएगी।
खगोलप्रेमियों के लिए यह नजारा खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। कैस्टर और पोलक्स को ट्विन स्टार्स यानी जुड़वा तारों के नाम से जाना जाता है। 30 अक्टूबर की देर रात करीब 10 से 11 बजे के बाद चंद्रमा इन तारों के नजदीक दिखाई देने लगेगा। हालांकि, इस खगोलीय दृश्य को देखने का बेहतर समय 31 अक्टूबर की सुबह सूर्योदय से ठीक पहले रहेगा।
इस दौरान चंद्रमा, कैस्टर और पोलक्स पश्चिम से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आसमान में नजर आएंगे। मौसम साफ रहने पर इनकी चमक और आपसी स्थिति का खूबसूरत दृश्य देखा जा सकेगा। इसके अलावा आसमान में मंगल और बृहस्पति ग्रह भी अपनी चमक बिखेरते दिखाई दे सकते हैं।
क्या है इस खगोलीय घटना का वैज्ञानिक महत्व?
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ वैज्ञानिक वीरेंद्र यादव के अनुसार, चंद्रमा का ग्रहों अथवा प्रसिद्ध तारों के करीब से गुजरना खगोलीय घटनाओं का सामान्य लेकिन बेहद आकर्षक हिस्सा है। विज्ञान की भाषा में इस प्रकार की स्थिति को अप्रोच या युति कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएं खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए आकाशीय पिंडों की स्थिति और उनकी गति को समझने का अच्छा अवसर प्रदान करती हैं।
खगोलप्रेमियों के लिए खास सलाह
इस खगोलीय नजारे को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। साफ आसमान और कम रोशनी वाले स्थान से इसे नंगी आंखों से देखा जा सकेगा। दूरबीन की मदद से तारों और आसपास के आकाश का अधिक बारीकी से अवलोकन किया जा सकता है।
30 अक्टूबर की रात से 31 अक्टूबर की सुबह तक आसमान में होने वाला यह खूबसूरत नजारा खगोलप्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बन सकता है।










