नैनीताल, 9 सितंबर। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच का अभियान तेज कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ आवश्यक दवाएं और बचाव सामग्री उपलब्ध करा रही हैं।
बुधवार को स्वास्थ्य टीमों ने 94 घरों का भ्रमण कर 113 लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की। इस दौरान जरूरत के अनुसार ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं। वहीं, 90 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिए गए। प्रभावित क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से 3900 क्लोरीन टैबलेट भी वितरित की गईं।
सात गांवों में लगाए स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट, भल्यूटी और चोपड़ा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक दवाएं वितरित की गईं और जल जनित बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में भी 98 लोगों की जांच की गई। चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर सात लोगों को भर्ती कर उपचार एवं निगरानी में रखा गया।
पीएचसी में रोजाना मिलेंगी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं
जल जनित रोगों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट को और सुदृढ़ किया गया है। रोस्टर के अनुसार यहां प्रतिदिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसी क्रम में 10 सितंबर को सेंट्रल हॉस्पिटल हल्द्वानी के फिजिशियन डॉ. हर्षित जोशी और गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली पांडे पीएचसी ज्योलिकोट में ओपीडी सेवाएं देंगे। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के लोगों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करने की अपील की है।
जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर होंगे मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिन मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होगी, उन्हें बेस अस्पताल हल्द्वानी, बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल और सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर किया जाएगा। अस्पताल में भर्ती कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।
निजी अस्पताल में उपचार की आवश्यकता होने पर आयुष्मान कार्डधारकों को योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार दिलाने में भी विभाग की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जल जनित बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और साफ पानी का इस्तेमाल करने के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।











