नैनीताल – उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत चौधरी ने बुधवार को राज्य अतिथि गृह, नैनीताल में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), उद्योग, ग्राम्य विकास, खादी एवं ग्रामोद्योग, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुपालन एवं मत्स्य पालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इन दोनों क्षेत्रों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” बताते हुए दुग्ध उत्पादन, विपणन, मत्स्य पालन, पशु नस्ल सुधार तथा गोट वैली जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन को स्वरोजगार और ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बनाया जाए।
खादी एवं ग्रामोद्योग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध कराकर खादी उत्पादों को नए बाजार दिए जाएं। साथ ही जनपद में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के विस्तार तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उद्योग विभाग सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाए।
मनरेगा की समीक्षा के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 जुलाई से नए कार्य प्रारंभ होने से पहले सभी पुराने बकाया भुगतान हर हाल में कर दिए जाएं। उन्होंने मानसून के दौरान जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की तर्ज पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रत्येक योजना स्थल पर मानक के अनुरूप सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कार्यस्थल पर बोर्ड नहीं पाया गया तो उस कार्य को ‘लावारिस’ मानते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति आवास से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए मंत्री ने कृषि भूमि की सुरक्षा हेतु प्रभावी घेरबाड़ योजना संचालित करने पर बल दिया। वहीं ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा में उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 23 हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा चुका है, जबकि शेष 17 हजार महिला समूहों की सदस्यों को भी लखपति बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने सभी विकासखंडों में उत्पाद आधारित क्लस्टर विकसित करने तथा महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को शेष बची सड़कों के प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम चरण में 17 सड़कें, जिनकी कुल लंबाई 93 किलोमीटर तथा लागत लगभग 125 करोड़ रुपये है, स्वीकृत हो चुकी हैं और उनके टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। वहीं द्वितीय चरण में 92 किलोमीटर लंबाई की 12 सड़कों के लिए 114 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंत्री भरत चौधरी एवं जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही उन्होंने घरों के बंटवारे के कारण अलग हुए परिवारों को भी शौचालय आवंटित किए जाने का अनुरोध मंत्री के समक्ष रखा।
बैठक में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्य, शांति मेहरा, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।











