काठगोदाम – कुमाऊं मंडल में भूमि धोखाधड़ी (लैण्ड फ्राड) के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 30 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की है। सोमवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित लैण्ड फ्राड समन्वय समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जनपदों से भूमि धोखाधड़ी से संबंधित कुल 77 मामलों की समीक्षा की गई। गहन जांच और विचार-विमर्श के बाद समिति ने अल्मोड़ा जनपद के 01, ऊधमसिंह नगर के 12 तथा नैनीताल जनपद के 17 मामलों सहित कुल 30 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज किए जाने की संस्तुति की।
बैठक में आयुक्त दीपक रावत ने लंबित भूमि विवाद एवं धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान बैंकों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि किसी संपत्ति को बंधक रखकर ऋण दिया गया है और बाद में उस संपत्ति का विक्रय किया जाता है, तो संबंधित बैंक को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले बैंक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे और उन्हें निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
आयुक्त ने एक ही संपत्ति की कई बार रजिस्ट्री किए जाने यानी मल्टीपल रजिस्ट्री के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए संबंधित रजिस्ट्रार और सब-रजिस्ट्रार की जवाबदेही तय की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि लेखपाल द्वारा स्थलीय निरीक्षण किए बिना भूमि अभिलेखों में परिवर्तन करना गंभीर लापरवाही है। बिना भौतिक सत्यापन के रिकॉर्ड में बदलाव होने से भूमि विवाद, सीमा विवाद और धोखाधड़ी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में मौके का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक विवादों का सामना न करना पड़े।
बैठक में जिलाधिकारी अल्मोड़ा अंशुल सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया। इसके अलावा पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर अजय कुमार गणपति, प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, सचिव विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी मोनिका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










