बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता, श्रम विभाग और डीएलएसए ने किया संयुक्त कार्यक्रम

हल्द्वानी – विश्व बाल श्रम दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मदर्सन सुमी प्राइवेट लिमिटेड, मोटाहल्दू हल्द्वानी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के मार्गदर्शन में किया गया।

शिविर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल श्रीमती पारुल थपलियाल ने उपस्थित लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों एवं इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और जागरूकता की कमी बाल श्रम के प्रमुख कारण हैं। बाल श्रम न केवल बच्चों का बचपन छीनता है, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद-23 मानव तस्करी और जबरन मजदूरी पर रोक लगाता है, जबकि अनुच्छेद-24 बच्चों को खतरनाक उद्योगों एवं कार्यों में रोजगार देने पर प्रतिबंध लगाता है। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी को जड़ से समाप्त करने के लिए बच्चों की शिक्षा, परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा समाज में बाल अधिकारों के प्रति व्यापक जागरूकता आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान सचिव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। वहीं सहायक श्रमायुक्त अधिकारी सुनील तिवारी एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी संजीव कंडारी ने श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

शिविर में प्रतिभागियों को बाल श्रम उन्मूलन, श्रमिक अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हुए कानूनों के पालन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पीएलवी उमा भंडारी, मनोज बलसूनी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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