12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस, अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने पर जिला प्रशासन का सख्त रुख

हल्द्वानी – निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भवाली और भीमताल क्षेत्र के 38 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब तक जनपद नैनीताल के कुल 50 निजी विद्यालय प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं।

नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में वेदान्तंम इंटरनेशनल स्कूल दमुवाढूंगा, चिल्ड्रन वैली पब्लिक स्कूल बरेली रोड, न्यू बाल संसार स्कूल तीनपानी, आरुष पब्लिक स्कूल हाथीखाल, जी किड्स पब्लिक स्कूल मल्ली बमौरी, काठगोदाम पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, लिटिल स्पार्कल एकेडमी मोटाहल्दू, मानस पब्लिक स्कूल मानपुर वेस्ट, नेशनल पब्लिक स्कूल कुसुमखेड़ा, श्री कृपा पब्लिक स्कूल, सेंट जॉर्ज स्कूल आरटीओ रोड तथा समिट पब्लिक स्कूल डहरिया शामिल हैं।

▪️ जांच में सामने आईं अनियमितताएं

जांच के दौरान पाया गया कि कई विद्यालय निर्धारित पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी पुस्तकों के अतिरिक्त महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कुछ स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर विशेष दुकानों से पुस्तकें और शिक्षण सामग्री खरीदने का अप्रत्यक्ष दबाव बनाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

इसके अलावा कई विद्यालयों द्वारा अपनी वेबसाइट पर पुस्तक सूची, शुल्क संरचना और अन्य अनिवार्य सूचनाएं सार्वजनिक नहीं की गईं।

▪️ प्रशासन के निर्देश

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि:

  • 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए।
  • किसी विशेष विक्रेता से पुस्तकें खरीदने की बाध्यता तत्काल समाप्त की जाए।
  • विद्यालय अपनी वेबसाइट पर पुस्तक सूची और शुल्क संरचना का पूर्ण विवरण प्रकाशित करें।
  • अभिभावकों द्वारा खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के संबंध में धनवापसी या समायोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • शिक्षण शुल्क के अतिरिक्त वसूले गए अवांछित शुल्कों का समायोजन आगामी फीस में किया जाए।

▪️ जांच समिति गठित

जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित विद्यालयों की जांच के लिए विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समितियों का गठन किया गया है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में आदेशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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