हल्द्वानी – “भारत की जनगणना-2027” के तहत इस बार एक नई और महत्वपूर्ण सुविधा ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) शुरू की गई है, जिससे अब नागरिक घर बैठे ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इस पहल की शुरुआत कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत द्वारा की गई है।
आयुक्त ने बताया कि जनगणना के इतिहास में पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी पोर्टल पर भरने का विकल्प दिया गया है। यह सुविधा 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।
उन्होंने बताया कि स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपनी जानकारी खुद सावधानीपूर्वक दर्ज कर सकेंगे, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी और डेटा अधिक सटीक होगा। साथ ही, जब प्रगणक अगले चरण में घर पहुंचेंगे, तो उन्हें पहले से भरी जानकारी मिल जाएगी, जिससे कार्य तेज और सुगम हो जाएगा।
डिजिटल माध्यम से डेटा संकलन को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन करना होगा। इसके बाद राज्य, जिला और स्थानीय निकाय का चयन कर डिजिटल मैप पर अपने घर का स्थान चिन्हित करना होगा और आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
प्रक्रिया पूरी होने पर नागरिकों को एक यूनिक SE ID प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। प्रगणक के घर आने पर केवल इसी SE ID को दिखाना होगा। कमिश्नर दीपक रावत ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और राष्ट्र निर्माण के इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रखी जाएगी।











