सरकारी स्कूलों की हकीकत: ठंड में जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे….

देहरादूनउत्तराखंड में शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों को हाईटेक बनाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में आज भी बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। ठिठुरन भरे मौसम में हजारों छात्र-छात्राएं बिना कुर्सी और मेज के जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।

शिक्षा के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद प्रदेश में कम से कम 6864 बच्चे ऐसे हैं, जो बिना फर्नीचर के पढ़ाई कर रहे हैं। ठंड के मौसम में यह स्थिति न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि उनकी शिक्षा की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

जानकारी के अनुसार कई स्कूलों में फर्नीचर के साथ-साथ पर्याप्त कक्षाएं, हीटर, मैट या अन्य जरूरी संसाधनों का भी अभाव बना हुआ है। इससे बच्चों को पढ़ाई के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण नहीं मिलेगा, तो उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना व्यर्थ है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। यह स्थिति सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर करती है और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

Pelli Poola Jada Accessories

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें