अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर किच्छा में गूंजा सुशासन और राष्ट्रनिर्माण का संदेश….

किच्छा – भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की 101वीं जयंती के अवसर पर किच्छा विधानसभा क्षेत्र में अटल स्मृति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य वक्ता साकेत अग्रवाल एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता साकेत अग्रवाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे कुशल राजनेता, संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और दृढ़ राष्ट्रनायक थे। उन्होंने कहा कि अटल जी की सबसे बड़ी विशेषता विचारधारा में दृढ़ता और व्यवहार में उदारता थी। अटल जी ने राजनीति को सेवा, संवाद और सहमति का माध्यम बनाया, जो आज भी देश के लिए मार्गदर्शक है।

पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी द्वारा दिया गया “अटल मॉडल” सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता पर आधारित था। उनके नेतृत्व में सड़क, संचार, शिक्षा और रक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए, जिनकी नींव पर आज का भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

राजेश शुक्ला ने कहा कि अटल जी का सुशासन ही आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प का आधार है। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेई जी द्वारा उत्तराखंड को दिया गया विशेष औद्योगिक पैकेज राज्य के आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस पैकेज से राज्य में उद्योगों की स्थापना, रोजगार के नए अवसर और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली।

सम्मेलन में अटल जी के विचारों, उनके योगदान और उत्तराखंड के विकास में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम संयोजक धर्मराज जायसवाल, मंडल अध्यक्ष गोल्डी गोराया, जिला मीडिया प्रभारी विजय तोमर सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेई जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित करना रहा।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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