रुद्रपुर – शुक्रवार को अचानक हुई ओलावृष्टि और बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल पर मौसम की मार पड़ने से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। कई किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी, जबकि बड़ी मात्रा में फसल अभी खेतों में खड़ी थी। प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट की चिंता बढ़ गई है।
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की स्थिति का जायजा लेने के लिए पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल शुक्रवार को अलखदेवा, अलखदेवी, हरिदासपुर, बरी राई ग्रामसभा, पिपलिया नंबर एक और आनंद खेड़ा सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने खेतों में जाकर धान की फसल को हुए नुकसान का निरीक्षण किया और प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने उन्हें अचानक बदले मौसम और फसल को हुए नुकसान की जानकारी दी।
मुआवजे के लिए एसडीएम से की वार्ता
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए एसडीएम अमृता शर्मा से वार्ता की। उन्होंने किसानों को हुए नुकसान से अवगत कराते हुए प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सर्वे कराने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ठुकराल ने कहा कि खेती-किसानी पूरी तरह मौसम पर निर्भर है। किसान कई महीनों तक कड़ी मेहनत करके फसल तैयार करते हैं। जब फसल पककर कटाई के लिए तैयार होती है, उसी समय प्राकृतिक आपदा से नुकसान होना उनके लिए बड़ा आर्थिक झटका है। इस बार भी धान की फसल तैयार खड़ी थी और कुछ किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी। ऐसे में अचानक हुई ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की उम्मीदों को प्रभावित किया है।
राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम से सर्वे कराने की मांग
पूर्व विधायक ने सरकार से मांग की कि ओलावृष्टि से प्रभावित सभी ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को खेतों में भेजकर नुकसान का निष्पक्ष आकलन किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा मिल सके।
उन्होंने कहा कि सर्वे की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है, जिससे वे प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान से उबर सकें। ठुकराल ने प्रभावित किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं और राहत की मांग को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।











