भीमताल – विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भीमताल और विकास खंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खुद मरीज बनकर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अस्पताल में लापरवाही उजागर
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में 15 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनके वेतन रोकने के निर्देश सीएमएस को दिए।
उन्होंने अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता और उनकी एक्सपायरी डेट की भी जांच की। साथ ही यह सुनिश्चित किया कि मरीजों को बाहर की दवाइयां न लिखी जा रही हों। निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन की स्थिति तथा आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
सीडीओ ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि साफ-सफाई, समय पर उपस्थिति और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
विकास खंड कार्यालय में भी कार्रवाई
इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड कार्यालय भीमताल का निरीक्षण किया, जहां 6 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी को संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारी भ्रमण पंजिका में पूर्व तिथि का भ्रमण दर्ज कर लंबे समय से कार्यालय नहीं आ रहे थे। इस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई।
दिए सख्त निर्देश
सीडीओ ने स्वयं सहायता समूहों के रजिस्टर जल्द वितरित करने और 31 मार्च से पहले बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी हर्षित गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।









