पिथौरागढ़ – जिले के नाचनी क्षेत्र में एक पशुपालक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भालू के हमले का डटकर सामना किया। करीब तीन मिनट तक चले जानलेवा संघर्ष में पशुपालक ने हाथ में मौजूद दराती से लगातार वार कर भालू को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन उसकी बहादुरी ने उसकी जान बचा ली।
घटना गुरुवार सुबह तेजम तहसील के रिगुनिया गांव के बांस तोक की है। जानकारी के अनुसार 52 वर्षीय आन सिंह सामंत अपने पशुओं को चराने जंगल की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह गांव से करीब 200 मीटर दूर पहुंचे, झाड़ियों में छिपा भालू अचानक बाहर निकला और उन पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान भालू ने आन सिंह के बाएं हाथ को अपने जबड़ों में दबोच लिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दाहिने हाथ में पकड़ी दराती से उन्होंने भालू पर लगातार तीन वार किए। करीब तीन मिनट तक चले संघर्ष के बाद घायल भालू जंगल की ओर भाग गया और आन सिंह की जान बच गई।
हालांकि हमले में उनके हाथ, पीठ और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उनका उपचार जारी है।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि भालू के हमले से उनके शरीर पर कई गहरे घाव हैं, लेकिन फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है।
दिनदहाड़े आबादी के समीप हुए इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।











