रुद्रपुर – रुद्रपुर के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म एवं अपहरण मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को मंगलवार को घटनास्थल का मौका मुआयना कराने ले जाने के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने रास्ते में भागने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और भीड़ ने दोनों आरोपियों की पिटाई कर दी। अतिरिक्त पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह आरोपियों को भीड़ के बीच से निकालकर सुरक्षित वाहन में बैठाया।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार दोपहर गैंगरेप मामले के आरोपी जोगा सिंह और रविंदर सिंह को घटनास्थल का निरीक्षण कराने के लिए ले जाया गया था। लौटते समय आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पुलिस वाहन की कुंडी खोलकर भागने का प्रयास किया। इसी बीच मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जैसे ही पुलिस वाहन बालिका इंटर कॉलेज के समीप रुका और आरोपियों को नीचे उतारा गया, भीड़ ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों ने आरोपियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर कोतवाल प्रकाश चंद्र अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों को भीड़ से निकालकर वाहन में बैठाया गया।
घटना के दौरान करीब 20 मिनट तक काशीपुर बाईपास पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। राहगीरों की भीड़ जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान कई लोगों ने आरोपियों पर हाथ उठाया, जबकि कुछ लोगों ने उन पर स्याही भी फेंकी, जिसकी छींटें पुलिसकर्मियों की वर्दी पर भी पड़ गईं।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि पुलिस भीड़ के आक्रोश का सही आकलन नहीं कर सकी, जिसके कारण हालात अचानक बिगड़ गए। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरा घटनाक्रम आरोपियों के भागने के प्रयास के बाद शुरू हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल अतिरिक्त बल बुलाया गया।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले की जांच पहले से जारी है और अधिकारियों का कहना है कि घटनाक्रम के सभी पहलुओं की भी समीक्षा की जाएगी।











