नैनीताल – नैनीताल नगर को अधिक शांत, प्रदूषण मुक्त और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक सम्पूर्ण मॉल रोड क्षेत्र में वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह प्रतिबंध 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा।
जिलाधिकारी द्वारा उत्तराखण्ड मोटरयान नियमावली, 2011 के नियम-187 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी वाहन द्वारा ध्वनि संकेतक (हॉर्न) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा नैनीताल नगर के अंतर्गत पहले से अधिसूचित सभी ‘हॉर्न प्रोहिबिटेड जोन’ में भी हॉर्न बजाने पर पूर्व की भांति प्रतिबंध लागू रहेगा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि नैनीताल देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों का प्रमुख पर्यटन स्थल है। मॉल रोड अपनी शांत, प्राकृतिक और मनोहारी वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में वाहनों के अनावश्यक हॉर्न से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण न केवल पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करता है, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी असुविधा का कारण बनता है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य नैनीताल में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा स्थानीय लोगों और पर्यटकों को शांत एवं सुखद वातावरण उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन चाहता है कि नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण को संरक्षित रखा जाए, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
जिलाधिकारी ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले इस आदेश का पूर्ण पालन करें और मॉल रोड क्षेत्र में किसी भी प्रकार से हॉर्न का प्रयोग न करें। उन्होंने कहा कि यह कदम नैनीताल की पर्यावरणीय गरिमा और पर्यटन की गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि से आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड मोटरयान नियमावली, 2011 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत नियमानुसार चालान और अन्य दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।











