नजूल भूमि पर बसे परिवारों के प्रमाण पत्र का मुद्दा उठा, देशी समाज ने बनाई आंदोलन की रणनीति

रुद्रपुर – उत्तराखंड में देशी समाज की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बुधवार को किच्छा रोड स्थित दूधिया बाबा मंदिर में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता देशी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्याण सिंह ने की, जबकि श्री श्री शिवानंद जी महाराज उर्फ दूधिया बाबा संरक्षक के रूप में मौजूद रहे। बैठक में समाज की बुनियादी समस्याओं को लेकर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण और तराई क्षेत्र को विकसित करने में देशी समाज के लोगों का भी योगदान रहा है। उनका कहना था कि पूर्वजों ने कठिन परिस्थितियों में रहकर तराई क्षेत्र को आबाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन वर्तमान में समाज को विभिन्न सरकारी प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थायी निवास और अन्य प्रमाण पत्रों का मुद्दा

देशी समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि स्थायी निवास, आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान उनसे लंबे समय से उत्तराखंड में निवास करने का प्रमाण मांगा जाता है। उनका कहना है कि नजूल भूमि पर लंबे समय से रहने वाले कई परिवारों के पास भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

प्रतिनिधियों के अनुसार, ऐसे परिवारों के पास बिजली-पानी के बिल, राशन कार्ड, मतदाता सूची और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज ही निवास से जुड़े प्रमुख प्रमाण के रूप में उपलब्ध हैं। उन्होंने मांग की कि पुराने निवास को प्रमाणित करने के लिए उपलब्ध दस्तावेजों को भी नियमानुसार मान्यता देने की व्यवस्था की जाए।

राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी नाराजगी

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देशी समाज की बड़ी आबादी उत्तराखंड में निवास करती है और स्थानीय निकायों से लेकर अन्य चुनावों में भी समाज की भूमिका रहती है। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा समाज से संपर्क किया जाता है, लेकिन बाद में उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।

वक्ताओं ने समाज को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अधिक संगठित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की मांगों को शासन और प्रशासन तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

दो दिवसीय धरने का ऐलान

बैठक में निर्णय लिया गया कि देशी समाज अपनी मांगों को लेकर निकट भविष्य में रुद्रपुर शहर में दो दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेगा। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि धरने के माध्यम से स्थायी निवास, आय और जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं सहित अन्य मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उनका उद्देश्य शासन-प्रशासन का ध्यान समाज की समस्याओं की ओर आकर्षित कर समाधान की मांग करना है।

Daily Dpark 24
Author: Daily Dpark 24

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